लखनऊ, मार्च 6 -- हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने एक जनहित याचिका पर सुनवायी करते हुए, राज्य सरकार और लखनऊ नगर निगम से पूछा है कि निराश्रितों के अंतिम संस्कार की क्या कोई गाइडलाइन है। मामले की अगली सुनवायी के लिए 11 मार्च की तिथि तय की गई है। यह आदेश न्यायमूर्ति एआर मसूदी व न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी की खंडपीठ ने स्थानीय अधिवक्ता ज्योति राजपूत की याचिका पर दिया। याची का कहना था कि उषा नाम की एक निराश्रित महिला को बलरामपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया था लेकिन संदिग्ध परिस्थितियों में उक्त महिला को डिस्चार्ज कर दिया गया और याची को मिली जानकारी के अनुसार उसकी मृत्यु हो चुकी है। वहीं सरकारी वकील ने न्यायालय को बताया कि 22 फरवरी को उक्त महिला की मृत्यु हो गई जिसके पश्चात 24 फरवरी को उसका पोस्टमॉर्टम किया गया। तत्पश्चात 3 मार्च को नगर निगम द्वारा उसक...
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