नवादा, जनवरी 22 -- नवादा, हिन्दुस्तान संवाददाता। मगध क्षेत्र में नवादा जिला अपनी उर्वरक शक्ति के लिए जाना जाता है, लेकिन जल प्रबंधन की विफलता ने यहां के किसानों को प्रकृति की दया पर लाकर खड़ा कर दिया है। पकरीबरावां प्रखंड के बड़राजी-कदहर नहर की कहानी विकास के उन दावों की पोल खोलती है, जो फाइलों में तो सुनहरे दिखते हैं, लेकिन जमीन पर धूल और झाड़ियों से ढके हुए हैं। गोड़िहारी नदी से निकलने वाली यह नहर आज सिंचाई का साधन नहीं, बल्कि सरकारी उदासीनता का स्मारक बन चुकी है। बिहार सरकार सात निश्चय योजना के तहत हर खेत तक सिंचाई का पानी पहुंचाने का दावा कर रही है, लेकिन नवादा जिले के पकरीबरावां प्रखंड में जमीनी हकीकत इसके ठीक उलट है। यहां की बड़राजी-कदहर नहर विभाग की अनदेखी के कारण धीरे-धीरे विलुप्त होने की कगार पर है। गोड़िहारी नदी के जलस्तर का लाभ उठा...