मुजफ्फरपुर, जनवरी 19 -- मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। आचार्य जानकीवल्लभ शास्त्री की साधना से दीप्त उनका तपोस्थल निराला निकेतन महाकवि की स्मृतियों को सहेजकर हर महीने की सात तारीख को महावाणी स्मरण आयोजन में आलोकित होता है। साहित्यकारों का तीर्थ है यह। आचार्य जी के होते अपने समय के कौन बड़े रचनाकार, संस्कृति पुरुष और चिंतक साधक यहां नहीं आए? आचार्य श्री की जयंती माघ शुक्ल द्वितीया की पूर्व संध्या पर साहित्यकारों ने ये बातें कहीं। वक्ताओं ने कहा कि निराला निकेतन साधना परंपरा की विरासत और धरोहर है। उनके शिष्य साहित्यकार डॉ. संजय पंकज कहते हैं कि महाप्राण निराला, नाट्य सम्राट पृथ्वीराज कपूर, पंडित हजारी प्रसाद द्विवेदी, त्रिलोचन शास्त्री, नलिन विलोचन शर्मा, लालकृष्ण आडवाणी, भूतपूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर, राज्यपाल, मंत्री, चिंतक जैसे अपने समय ...