देवरिया, जनवरी 24 -- देवरिया, निज संवाददाता। नागरी प्रचारिणी सभा के तत्वावधान में सूर्यकान्त त्रिपाठी निराला की जयन्ती पर समारोह का आयोजन शुक्रवार को किया गया। मुख्य अतिथि डॉ. सुशील कुमार पाण्डेय साहित्येन्दु ने कहा कि निराला के साहित्य में संस्कृतनिष्ठ शब्दों का महत्वपूर्ण स्थान है तथा संस्कृत साहित्य में बसंत का महत्वपूर्ण स्थान है। यही कारण है कि निराला ने बसंत पंचमी पर अपना जन्मदिन मनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा निराला जन चेतना के कवि रहे हैं। उनके जैसा होना बहुत ही मुश्किल है। विशिष्ट अतिथि डॉ. इन्द्र कुमार यादव ने कहा कि निराला ऐसे कवि हैं जो जीवन पर्यन्त अभावों से जूझते रहे, लेकिन अपनी निजी पीड़ा को कभी भी किसी के सामने व्यक्त नहीं किया। निराला में विद्रोह है, करुणा है, ममता है और है आम जन की पीड़ा। निराला परम्परा और आधुनिकता के...