मथुरा, नवम्बर 26 -- निरंकारी मिशन का नाथानी परिवार ने कृष्णा आर्चिड में आध्यात्मिक सत्संग कराया। इसमें दिल्ली के प्रचारक नेपाल सिंह ने कहा कि जो जानने योग्य है, उसे पहले जान लो। उन्होंने कहा कि मनुष्य शरीर मोक्ष प्राप्ति का साधन है और यह जन्म प्रभु प्राप्ति हेतु मिला है। उन्होंने कहा कि मनुष्य जन्म 84 लाख योनियों के चक्र से मुक्ति मिलने के मिलता है। आत्मा का आवागमन तब तक समाप्त नहीं होता जब तक वह निज घर परमात्मा में विलीन न हो जाए। हम शरीर नहीं आत्मा हैं, आत्मबोध के बिना भटकन समाप्त नहीं होती। इसके लिए सत्गुरू की शरण जरुरी बताई। माता सुदीक्षा सबको ब्रह्मज्ञान दे रही हैं। प्रभु मानवता को मार्ग देने स्वयं मनुष्य रूप में आते हैं। संत एलपी भट्टराई ने कहा कि मनुष्य जन्म मृत्यु के लिए नहीं, बल्कि अमरत्व पाने के लिए है। इसके लिए विवेक जागृत परमा...
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