देवरिया, मई 9 -- देवरिया, निज संवाददाता। बरहज तहसील में फर्जी कागजात तैयार कर संग्रह चपरासी की हुई नियुक्ति के मामले में नौ माह का समय गुजर जाने के बाद भी पुलिस की विवेचना रफ्तार नहीं पकड़ पा रही है। पुलिस की जांच में एक नई बात सामने आई है। अधिकारियों ने नियम को ताख पर रख कर बिना चुनाव आयोग से अनुमति लिए ही प्रक्रिया पूरी कर ली थी। जिसके चलते नियुक्ति में हस्ताक्षर करने वाले सभी अधिकारियों के गले की फांस यह नियुक्ति बनने लगी है। हालांकि पुलिस विभाग के जिम्मेदार अधिकारी जल्द ही विवेचना पूरी कर लेने का दावा कर रहे हैं। बरहज तहसील में छेदी यादव संग्रह अनुसेवक के पद पर तैनात थे। जिनकी मृत्यु सेवाकाल में 2022 में ही हो गई। उनकी मृत्य के बाद 2023 में छेदी की पत्नी चंद्रावती देवी ने अपने सगे भतीजे को नौकरी देने की लालच में 2023 में रजिस्टर्ड गोद...
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