लखनऊ, जुलाई 10 -- लखनऊ, विशेष संवाददाता। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने कहा है कि झूठे आकड़ों, धमकी और दमन के बूते निजीकरण की साजिश कामयाब नहीं होने दी जाएगी। संघर्ष समिति द्वारा वाराणसी में टैरिफ की सुनवाई के दौरान निजीकरण का मुद्दा नियामक आयोग के सामने उठाकर निजीकरण की प्रक्रिया निरस्त करने की मांग की जाएगी। गुरुवार को लगातार 225वें दिन बिजली कर्मियों ने प्रांत व्यापी विरोध प्रदर्शन जारी रखा। संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि निजी घरानों की मदद के लिए विद्युत वितरण निगमों ने निजीकरण के पहले ही टैरिफ में 45 प्रतिशत तक वृद्धि का प्रस्ताव नियामक आयोग को भेजकर निजीकरण के बाद बिजली दरों में होने वाली बेतहाशा वृद्धि का संकेत दे दिया है। उन्होंने बताया कि संघर्ष समिति पदाधिकारी और बिजली कर्मी 11 जुलाई को वाराणसी में नियामक आयोग...
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