उन्नाव, अगस्त 7 -- उन्नाव, संवाददाता। जिले में संचालित स्लाटर हाउस लोगों की सेहत से खिलवाड़ कर रहे हैं। इनके संचालक एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) के आदेशों को भी नहीं मान रहे हैं। जिम्मेदारों की अनदेखी से स्लाटर हाउस प्रबंधन मवेशियों के अपशिष्टों को खुले वाहनों के जरिए बाहर भेज रहे हैं। साथ ही, अपशिष्ट प्रबंधन करने के बजाय इन्हें खुले में फेंका जा रहा है। इससे संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा बना हुआ है। जिले के दही औद्योगिक क्षेत्र में सात स्लाटर हाउसों का संचालन किया जाता है। इनके संचालन के लिए एनजीटी व सीपीसीबी ने कुछ मानक तय किए हैं। केंद्रीय प्रदूषण बोर्ड की नियमावली में स्लाटर हाउसों से निकलने वाले अपशिष्टों को उच्च जोखिम की द्वितीय श्रेणी का दर्जा दिया गया है। इस श्रेणी में शामिल अपशिष्टों का ढंग से निस्तारण व परिवहन न होने से ...