रुद्रपुर, मार्च 8 -- सितारगंज। उत्तराखंड आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन ने शनिवार को एसडीएम के माध्यम से सीएम को मांग पत्र भेजा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने निजीकरण और ठेका देने की प्रथा से कई सरकारी नौकरियों को प्राइवेट बना दिया गया है। आशा हेल्थ वर्कर्स, आंगनबाड़ी, भोजनमाताएं और स्वयं सहायता समूह की नौकरी को भी प्राइवेट कर दिया। कंपनी और सरकार दोनों उनकी मेहनत का शोषण कर रही हैं। यूनियन की महिलाओं ने बताया कि सरकार ने एक स्कीम के तहत आशा वर्कर्स को स्वयंसेवी के रूप में नियुक्त कर दिया। सरकार रोजाना आशाओं को कई अहम काम का जिम्मा सौंपता रहता है। समय से काम पूरा न करने पर उन्हें नौकरी से निकलने की धमकी दी जाती है। उनकी मांग है कि उन्हें नियत मासिक वेतन के साथ सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए। यहां ज्योति चंद्र, अनीता देवी, रेशमा अहमद, अनीता अन्...
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