उरई, नवम्बर 23 -- उरई। विश्व न्यूमोनिया दिवस पर 12 नवंबर से 28 फरवरी तक स्वास्थ्य महकमे की टीमें गांव गांव जाकर बीमारी के संक्रमण से बचाव के लिए लोगों को जागरूक करने के साथ अधिक से अधिक प्रचार प्रसार करेंगे। जिससे निमोनिया संक्रमण मृत्यु दर में कमी लाई जा सके। मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय में वार्ता करते हुए सीएमओ डॉ डीके भिटौरिया ने कहा कि 5 वर्ष की आयु के बच्चों में निमोनिया की रोकथाम एवं समय से इलाज प्रदान कर मृत्यु दर में कमी लाने के उद्देश्य से समुदाय स्तर पर निमोनिया से ग्रसित बच्चों की पहचान कर उपचार किया जाता है। भारत सरकार द्वारा कार्यक्रम की शुरुआत की गई है। उत्तर प्रदेश में 5 वर्ष की आयु में लगभग 17% बच्चों की मृत्यु निमोनिया के कारण होती है। निमोनिया में फेफड़े का संक्रमण बैक्टीरिया वायरस एवं फंगल संक्रमण से होता है। बच्चों म...