मुकेश सक्टा, नवम्बर 12 -- भले ही सुप्रीम कोर्ट ने निठारी हत्याकांड में सुरेंद्र कोली को बरी कर दिया हो, लेकिन एक मां और एक पत्नी अपने ही गांव वालों के सामने बेगुनाही साबित नहीं कर पाईं। नतीजा, सुरेंद्र की पत्नी को जहां दो छोटे बच्चों के साथ गांव छोड़ना पड़ा तो वहीं बेटे के इंतजार में मां की सांसें उखड़ गईं। दो भाई भी गांव नहीं लौटे। अब गांव में सुरेंद्र के खंडहर पड़े मकान के अलावा कुछ शेष नहीं है। निठारी हत्याकांड का आरोपी सुरेंद्र कोली उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के स्याल्दे ब्लॉक में मंगरूखाल गांव का रहने वाला है। माता कुंती देवी और पिता शाकरू राम के चार लड़के हैं। सुरेंद्र सबसे बड़ा बेटा है। सुरेंद्र के दोषमुक्त होने की खबर पर घर में खुशी मनाने वाला कोई नहीं है। अब गांव में सुरेंद्र कोली के लिए सिर्फ खंडहर हो चुका घर ही बचा है। यह भी पढ़ें- नि...