मिर्जापुर, फरवरी 18 -- मिर्जापुर, संवाददाता। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति उत्तर प्रदेश के आह्वान पर सोमवार को लगातार 82 वें दिन बिजलीकर्मियों ने नगर के फतहा स्थित मुख्य अभियंता कार्यालय पर विरोध प्रदर्शन जारी रखा। इस दौरान हुई सभा में वक्ताओं ने पूर्वांचल एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम का निजीकरण रोकने की मांगों की फेहरिश्त में एक नई मांग शामिल करते हुए ग्रेटर नोएडा और आगरा के निजीकरण के करार भारी रद्द करने की मांग जोरदार ढंग से की। आरोप लगाया कि ग्रेटर नोएडा और आगरा में बड़े पैमाने पर अनियमितता बरती जा रही है। संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि एक अप्रैल 2010 को आगरा शहर की विद्युत व्यवस्था टोरेंट पावर कंपनी को सौंपी गई थी। उस समय उत्तर प्रदेश पॉवर कारपोरेशन का आगरा शहर का 2200 करोड़ रुपए का राजस्व का बकाया था। निजीकरण की ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.