प्रयागराज, अक्टूबर 9 -- विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति का प्राइवेटाइजेशन के विरोध में आंदोलन गुरुवार को लगातार 316वें दिन जारी रहा। विद्युत कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए अपील की है कि पूर्वांचल और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगमों के प्राइवेटाइजेशन का फैसला रद्द किया जाए। समिति ने अपनी मांग के समर्थन में ओडिशा का उदाहरण दिया, जहां बिजली वितरण के निजीकरण को विफल बताया गया है। उन्होंने जानकारी दी कि ओडिशा विद्युत नियामक आयोग टाटा पावर की चारों कंपनियों का लाइसेंस निरस्त करने के लिए 10 अक्टूबर को सुनवाई करने वाला है। इन कंपनियों पर खराब सेवा, गलत बिलिंग और उपभोक्ता उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगे हैं, जिसकी शिकायत उपभोक्ता फोरमों ने की है। संघर्ष समिति ने तर्क दिया कि जब एक औद्योगिक राज्य जैसे...
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