लखनऊ, जुलाई 8 -- उत्तर प्रदेश में बिजली के निजीकरण के विरोध में देश भर के बिजली कर्मचारी बुधवार को एक दिन की सांकेतिक हड़ताल करेंगे। प्रदेश के एक लाख बिजली कर्मचारी भी इस हड़ताल पर रहेंगे और पूरे दिन कार्यालयों के बाहर व्यापक विरोध प्रदर्शन करेंगे। सभी ट्रेड यूनियनों और किसान संगठनों ने भी इस हड़ताल का समर्थन करके इसे सफल बनाने की अपील की है। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के संयोजक शैलेंद्र दुबे ने बताया कि बुधवार को होने वाली हड़ताल में केंद्र व प्रदेश सरकारों की निजीकरण नीति के विरोध में की जा रही है। इसमें बिजली के साथ रेल, बैंक, बीमा, बीएसएनएल, पोस्टल, केंद्र सरकार के सार्वजनिक उपक्रम, केंद्र व राज्य सरकार के कर्मचारी, निजी कल कारखानों के कर्मचारी शामिल होंगे। हड़ताल में देशभर में 25 करोड़ कर्मचारी व मजदूर शामिल होंगे। उन्होंन...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.