गोरखपुर, जनवरी 4 -- गोरखपुर। निजीकरण के विरोध में विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने रविवार को बैठक करके संघर्ष को और तेज करने का निर्णय लिया है। समिति ने इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 को संसद के आगामी बजट सत्र में रखे जाने के समाचार पर कहा है कि बिजली संशोधन बिल लागू हुआ तो बिजली वितरण का पूरा ढांचा चरमरा जाएगा। संघर्ष समिति ने बिजली संशोधन विधेयक को बजट सत्र में लोकसभा में रखे जाने का विरोध करते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की है। कहा कि इसका उद्देश्य पूरे बिजली क्षेत्र का निजीकरण करना है, जो किसानों और घरेलू उपभोक्ताओं के लिए घातक साबित होगा। वहीं भारत सरकार ने दिसम्बर 2021 में संयुक्त किसान मोर्चा को लिखित दिया है कि सभी स्टेकहोल्डर्स और किसानों की सहमति के बिना इलेक्ट्रिसिटी बिल संसद में नहीं रखा जाएगा। अब यदि ऐसा हुआ ...