बुलंदशहर, नवम्बर 27 -- पूर्वांचल और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के विरोध में चल रहे आंदोलन का एक साल पूरा होने पर देशव्यापी आहवान पर विरोध प्रदर्शन किया गया। बिजली कर्मचारियों ने निजीकरण का निर्णय निरस्त करने की मांग की। इस दौरान सेवानिवृत्त अधिकारी-कर्मचारियों के घर जबरन प्रीपेड मीटर लगाने का आरोप लगाया। कर्मचारियों ने मांगों को लेकर अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। गुरुवार को हाइडिल कॉलोनी में एसई कार्यालय पर विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मचारियों ने धरना-प्रदर्शन किया। संयोजक सुरेन्द्र सिंह ने कहा कि संपूर्ण पॉवर सेक्टर का निजीकरण करने को लाए गए इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 को तत्काल वापस लिया जाए। जब तक निजीकरण का निर्णय निरस्त नहीं किया जाता और आंदोलन के चलते बिजली कर्मि...