मेरठ, अगस्त 5 -- विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर सोमवार को बिजली कर्मचारियों ने मेरठ और सहारनपुर जिलों को छोड़कर पश्चिमांचल के 12 जिलों में आंदोलन के 250 दिन पूरे होने पर विरोध प्रदर्शन किया। संघर्ष समिति पदाधिकारियों ने कहा कि बिजली का निजीकरण किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संघर्ष समिति ने मुख्यमंत्री से मांग की कि निजीकरण का निर्णय निरस्त किया जाए। कहा कि बिजली कर्मचारी लगातार बिजली व्यवस्था में सुधार कर रहे हैं। संघर्ष समिति के सीपी सिंह ने बताया कि मेरठ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम के चलते विरोध सभा का आयोजन नहीं किया गया।
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