मुरादाबाद, फरवरी 12 -- बिजली कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर गुरुवार को बिजली कर्मियों ने कार्य बंद कर मुख्य अभियंता कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन किया। विरोध प्रदर्शन में कर्मचारी, जूनियर इंजीनियर और अभियंता शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान बिजली कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि उत्तर प्रदेश में जारी निजीकरण की प्रक्रिया निरस्त नहीं की गई और इसके लिए टेंडर जारी किया गया तो सभी बिजली कर्मी सामूहिक रूप से जेल भरो आंदोलन शुरू करेंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी। प्रदर्शन कर्मचारियों ने कहा कि यदि संसद के बजट सत्र में इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल पारित करने का प्रयास हुआ तो देशभर के करीब 27 लाख बिजली कर्मचारी बिना अतिरिक्त नोटिस के कार्य बंद कर विरोध प्रदर्शन करेंगे। इसकी जिम्मेदारी केंद्र सरकार की होगी। आंदोलन के दौरान पा...