अलीगढ़, दिसम्बर 12 -- अलीगढ़, वरिष्ठ संवाददाता। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में बिजली विभाग के निजीकरण की तैयारी के तहत बड़े पैमाने पर पद समाप्त किए जा रहे हैं। संविदा कर्मियों की छंटनी की जा रही है। लखनऊ के बाद अब पूर्वांचल और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के अंतर्गत आने वाले कई शहरों में वर्टिकल रिस्ट्रक्चरिंग लागू करने का प्लान तैयार है, जिससे सैकड़ों नियमित पद खत्म होने की आशंका है। समिति के अनुसार, पूर्वांचल में हजारों संविदा कर्मियों को बिना किसी मापदंड के हटाया जा रहा है, जिससे कर्मचारियों में भारी रोष है। पॉवर कॉरपोरेशन के चेयरमैन ने भदोही, मिर्जापुर, फतेहपुर, आजमगढ़ और मऊ सहित दक्षिणांचल के मथुरा और वृंदावन में रिस्ट्रक्चरिंग लागू करने के निर्देश दिए हैं। समिति पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि...