सिद्धार्थ, मार्च 26 -- सिद्धार्थनगर, निज संवाददाता। सिद्धार्थनगर नगर पालिका की लोकल आय जैसी होनी चाहिए वह नहीं हो पा रही है। नगर निकाय बने 47 साल का वक्त गुजर गया लेकिन 50 फीसदी लोग भी हाउस, वॉटर टैक्स नहीं जमा कर रहे हैं। लोकल आय का अन्य श्रोत तहबाजारी, टैक्सी स्टैंड नीलामी पर पहले से ही रोक है। नगर पालिका को बड़े विकास कार्यों के लिए धन शासन से मिलता है। काम का प्रस्ताव मिलने के बाद शासन की मंजूरी होते ही धन का आवंटन हो जाता है लेकिन छोटे कामों को नगर पालिका को अपनी आय के मदों से कराना होता है। नगर पालिका की आय का मुख्य श्रोत हाउस व वॉटर टैक्स है लेकिन इतना लंबा वक्त गुजरने के बाद भी आज तक 50 फीसदी लोग नहीं जमा कर रहे हैं इससे बड़ा तो नहीं कुछ संकट जरूर है। हालांकि नगर पालिका की ओर से बार-बार लोगों से हाउस व वॉटर टैक्स नियमित जमा करने की ...
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