कोडरमा, फरवरी 9 -- ओमप्रकाश कोडरमा। झुमरीतिलैया शहर सुभाष चौक से लेकर महाराणा प्रताप चौक तक जहां भी चार लोग खड़े या बैठे मिलें तो आप समझ जाइये कि वहां राजनीति हो रही है। कोडरमा स्टेशन के सामने चाय की सभी दुकानों पर सुबह से लेकर शाम तक बिस्कुट की कुरकुराहट की तरह निकाय चुनाव पर करारी-करारी चर्चा चल रही है। यहां स्थानीय दुकानदार से लेकर रेलकर्मी, होटलकर्मी और शहर के युवा जमे हैं। शहर की सरकार पर चर्चा जारी है। इसी बीच चुन्नू जी बोलते हैं, यार! ई बार के चुनाव के मिजाजे नहीं समझ में आ रहा है। अब तक सबकुछ समझ से बाहर है। हर कोई नरक में बदल चुके झुमरीतिलैया शहर को स्वर्ग बनाने का दावा कर रहा है। तभी मोबाइल देख रहे मनसुख भाई कह उठते हैं, अब मतदाता को बरगलाना ऐतना आसान नहीं है चुन्नू बाबू। वैसे ई बात चुनाव में खड़े लोग भी समझते हैं, मगर वोटरों के...
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