नई दिल्ली, अक्टूबर 28 -- यूपी की योगी सरकार ने प्रदेश के सभी शहरी स्थानीय निकायों (Urban Local Bodies) में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए सख्त कदम उठाया है। योगी सरकार ने प्रॉक्सी रिप्रेजेंटेशन (Proxy Representation) यानी चुने हुए प्रतिनिधियों की जगह उनके परिजनों या अन्य व्यक्तियों के बैठकों में शामिल होने की प्रथा पर रोक लगाने के लिए अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, नेशनल ह्यूमन राइट्स कमीशन (NHRC) से एक पत्र मिलने के बाद शहरी स्थानीय निकाय निदेशालय ने हाल ही में डिविजनल कमिश्नरों, जिला मजिस्ट्रेटों, नगर आयुक्तों और नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के कार्यकारी इंजीनियरों को लिखा है। नेशनल ह्यूमन राइट्स कमीशन ने अपने पत्र में राज्य सरकार को इस प्रथा पर अंकुश लगाने और नियमों का पालन सुनिश्चित करने...
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