हरिद्वार, फरवरी 18 -- जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज ने कहा कि हमारा धर्म ना नूतन है और ना पुरातन है। हमारा धर्म सनातन है। जो वेदों से आया है। वेदों की कथाओं का साक्षात्कार ईश्वर से किया गया है। प्राणीमात्र का जीवन में परमात्म के दर्शन करना ही सनातन धर्म है। कनखल के जगतगुरु आश्रम में मंगलवार को श्रीमद्भागवत सप्ताह और स्वामी अक्षयानंद के पट्टाभिषेक समारोह आयोजित किया गया। इसमें शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज ने कहा कि सनातन को हिंदू क्यों कहते हैं जबकि सृष्टि की संरचना से ही सनातन धर्म था। इसका साक्षात्कार शुक्रदेव, विश्वामित्र, वशिष्ठ जैसे अनेक मनीषियों ने किया है।
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