भागलपुर, फरवरी 11 -- नारी घर की लक्ष्मी होती है। नारी का हर वक्त सम्मान करें। इससे घरों में सुख शांति रहती है। जिस घर में नारी का सम्मान नहीं होता है उस घर में कलह होते रहता है। नारी तीन कुलों को तारती है। नारी बेटी है, मां है, बहन है, दादी है। नारी पूजनीय है। यह बातें कहलगांव के हरचंदपुर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन कथा श्रवण करते हुए कथावाचक मधुसूदनाचार्य महाराज ने कही है। तीसरे दिन कथा श्रवण के लिए महिलाओं की भीड़ लगी रही।
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