नई दिल्ली, अक्टूबर 27 -- मुंबई में प्रतिपूरक वनरोपण के खराब कार्यान्वयन से नाखुश सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को महाराष्ट्र सरकार को चेतावनी दी कि वह मुंबई मेट्रो रेल और गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड (जीएमएलआर) जैसी परियोजनाओं के लिए पेड़ों की कटाई की सभी पूर्व अनुमतियां रद्द कर देगा। प्रतिपूरक वनरोपण से तात्पर्य है कि जब गैर-वन भूमि का उपयोग किसी परियोजना के लिए होता है, तो उस नुकसान की भरपाई के लिए वैकल्पिक भूमि पर पेड़ लगाए जाते हैं। शीर्ष अदालत ने महाराष्ट्र के मुख्य सचिव को निर्देश दिया कि वह सभी हितधारकों के साथ बैठक करें और एक ठोस प्रस्ताव लेकर आएं कि यह सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं कि 'प्रतिपूरक वनरोपण' का अक्षरश: कार्यान्वयन किया जाए। मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई और न्यायमूर्ति के. विनोद चंद्रन की पीठ ने राज्य के शीर्ष अधिक...
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