सिद्धार्थ, जनवरी 4 -- सिद्धार्थनगर, हिन्दुस्तान टीम। डुमरियागंज क्षेत्र के देईपार गांव में चल रहे सूर्य महायज्ञ के दौरान शनिवार की रात रामलीला का शुभारंभ हुआ। पहले दिन कलाकारों ने नारद मोह का सजीव मंचन किया। मंचन देख दर्शक भाव विभोर हो गए और प्रभु के जयकारों से पूरा पंडाल गूंज उठा। रामलीला का शुभारंभ गणपति वंदना से हुई। कलाकारों ने दिखाया कि हिमालय की तलहटी में रमणीक स्थान को देखकर नारद ने समाधि लगा ली। जिस पर इंद्र ने अप्सराओं सहित कामदेव को नारद की समाधि भंग करने के लिए भेजा। नारद की भक्ति को डिगाने में कामदेव व अप्सराएं विफल हो गईं। नारद को कामदेव पर विजय पाने का अहंकार हो गया। भगवान विष्णु ने भक्त को भटकने से बचाने के लिए माया की नगरी व उसमें माया के स्वयंवर की रचना की। शादी रचाने के लिए नारद ने भगवान से हरि का स्वरूप मांगा। भगवान ने ...