नवादा, जनवरी 20 -- नारदीगंज, संवाद सूत्र। बुद्ध सर्किट का प्रवेश द्वार कहलाने वाला नारदीगंज प्रखंड मुख्यालय के बाजार के स्टैंड में सार्वजनिक शौचालय नहीं रहने से भारी संकट है। नारदीगंज चौक पर तमाम तरह की सुविधाएं सिरे से दम तोड़ती नजर आती है। नवादा जिले का यह महत्वपूर्ण व्यापारिक और आवागमन केंद्र आज अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। विडंबना देखिए कि एक ओर सरकार स्वच्छ भारत मिशन और नारी सम्मान के करोड़ों के विज्ञापन अखबारों में छपवाती है, वहीं दूसरी ओर नवादा का हृदयस्थली कहा जाने वाला नारदीगंज चौक आजादी के सात दशक बाद भी एक अदद सार्वजनिक शौचालय के लिए तरस रहा है। नारदीगंज चौक पर शौचालय का न होना केवल एक सुविधा का अभाव नहीं, बल्कि एक बड़ी प्रशासनिक विफलता है। यह मुद्दा सीधे तौर पर मानवीय गरिमा और स्वास्थ्य से जुड़ा है। यदि जल्द ही इस दिशा में ठोस ...