अररिया, दिसम्बर 22 -- अररिया, निज संवाददाता केंद्र सरकार ने 20 सालों से चले आ रहे मनरेगा कानून महात्मा गांधी नेशनल रूरल एम्प्लॉयमेंट गारंटी एक्ट की जगह लेने के लिए एक नया बिल पारित किया है। इसके बाद मनरेगा का नाम बदले जाने का विरोध भी तेज हो गया है। मनरेगा का नाम बदलने के विरोध में कांग्रेस नेताओं ने रविवार को जिला मुख्यालय स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा स्थल के सामने एक दिवसीय धरना दिया। धरना पर बैठे कांग्रेस नेताओं ने कहा कि 'नाम मिटा सकते हो, विरासत नहीं। कांग्रेस जिलाध्यक्ष शाद अहमद की अगुवाई पार्टी नेताओं ने मनरेगा का नाम बदलने का पुरजोर विरोध किया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा कि मनरेगा केवल एक योजना नहीं बल्कि करोड़ों गरीब और मजदूर परिवारों की जीवनरेखा है। इसे कमजोर करना सीधे तौर पर मजदूरों के हितों पर हमला है। नफरत की राजनीत...