नई दिल्ली, फरवरी 5 -- कलकत्ता हाई कोर्ट ने आखिरी वक्त पर एक छात्र के पूरे शैक्षणिक भविष्य को बचाते हुए बेहद अहम दखल दिया है। अदालत ने साफ शब्दों में कहा कि अगर गलती स्कूल की है, तो उसकी सजा छात्र को नहीं मिलनी चाहिए। इसी सोच के साथ हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (WBBSE) को निर्देश दिया कि वह छात्र का माध्यमिक परीक्षा 2026 के लिए तुरंत नामांकन करे और उसका एडमिट कार्ड जारी करे, ताकि वह परीक्षा दे सके। न्यायमूर्ति अमृता सिन्हा यह मामला सुन रही थीं, जिन्होंने कहा कि बिना किसी गलती के अगर किसी छात्र को परीक्षा से वंचित किया जाता है, तो यह उसके साथ गंभीर अन्याय होगा। अदालत का यह आदेश ऐसे समय आया है जब माध्यमिक परीक्षा शुरू होने में बहुत कम समय बचा है।स्कूल की एक चूक, छात्र का पूरा साल खतरे में गौरतलब है कि एक ही कक्षा में एक ही ...