अंबेडकर नगर, जून 23 -- अम्बेडकरनगर, संवाददाता। लाखों रुपये की लागत से ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण और वर्षा जल संचयन के उद्देश्य से मनरेगा के तहत बनाए गए अमृत सरोवर अब खुद ही पानी को तरस रहे हैं। जिले के अधिकांश गांवों में खुदे अमृत सरोवर तालाब सूखे पड़े हैं। इससे न सिर्फ पशु-पक्षियों की प्यास अधूरी रह जाती है, बल्कि ग्रामीणों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि इन तालाबों को कई महीने पहले मनरेगा के तहत लाखों रुपये खर्च कर बनाया गया था। निर्माण के समय उम्मीद जताई गई थी कि ये सरोवर जल स्रोत के रूप में काम आएंगे और पशु-पक्षियों को राहत मिलेगी। लेकिन आज स्थिति यह है कि तालाबों में एक बूंद पानी तक नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण के बाद से अब तक किसी भी जिम्मेदार अधिकारी या ग्राम प्रधान ने ...