मुजफ्फरपुर, अक्टूबर 18 -- बिहार विधानसभा चुनाव में बढ़ते छोटे दलों की भागीदारी और बागी उम्मीदवारों के कारण जमानत जब्त कराने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है। पिछले तीन चुनावों में इनका आंकड़ा 85 फीसदी के करीब पहुंच चुका है। इनके चुनावों में उम्मीदवारी से कुछ जगहों पर भले ही उलटफेर हो हुए हों, लेकिन इसके साथ ही चुनाव आयोग का खजाना भरने का क्रम भी बढ़ता जा रहा है। जमानत की जब्त राशि से बीते तीन चुनावों में करीब नौ करोड़ रुपये सरकारी खजाने में जमा हुए हैं। चुनाव आयोग के बिहार चुनावों से संबंधित आंकड़ों के अनुसार तीन चुनावों में कुल 10,706 प्रत्याशियों ने भाग्य आजमाया था। इनमें से 85.55 प्रतिशत यानि 9159 उम्मीदवारों ने अपनी जमानत तक बचाने में सफल नहीं हो पाए। इन उम्मीदवारों में करीब 30 प्रतिशत अपने पूर्व के पार्टी से टिकट नहीं मिलने से नाराज ह...