नई दिल्ली, दिसम्बर 27 -- मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने 16 साल की एक दुष्कर्म पीड़िता को बच्चे को जन्म देने (प्रसव) की अनुमति दे दी। अदालत ने कहा कि उसकी सहमति के बिना गर्भपात की अनुमति नहीं दी जा सकती। लड़की ने अपने होने वाले बच्चे के पिता (आरोपी) से शादी कर ली है। न्यायमूर्ति विशाल मिश्रा की एकल पीठ ने निर्देश दिया कि प्रसव से संबंधित सभी खर्च राज्य सरकार वहन करे, जो भोपाल के हमीदिया अस्पताल में एक विशेषज्ञ चिकित्सा दल की उपस्थिति में संपन्न किया जाएगा। 11 दिसंबर के इस आदेश की एक प्रति शुक्रवार को उपलब्ध कराई गई। यह आदेश जिला अदालत द्वारा नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता के गर्भपात के संबंध में हाईकोर्ट को लिखे गए पत्र के बाद आया। हाईकोर्ट ने एक चिकित्सा बोर्ड से रिपोर्ट मांगी। मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार, पीड़िता की उम्र 16 साल और सात महीने थी,...
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