नई दिल्ली, मार्च 6 -- - पीड़िता को साढ़े दस लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश नई दिल्ली, कार्यालय संवाददाता। रोहिणी अदालत ने एक नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में 31 वर्षीय व्यक्ति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुशील बाला डागर की अदालत दोषी के खिलाफ सुनवाई कर रहीं थी। व्यक्ति को दुष्कर्म, अपहरण और आपराधिक धमकी के अपराधों के लिए पाक्सो अधिनियम और आईपीसी की धारा छह के तहत दंडित किया गया। अदालत ने पीड़िता को साढ़े दस लाख रुपये का मुआवजा देने का भी आदेश दिया ताकि उसे पुनर्वास में मदद मिल सके। अतिरिक्त लोक अभियोजक योगिता कौशिक दहिया ने दलील दी कि दोषी को इस निंदनीय और घृणित कृत्य के लिए कोई रियायत नहीं मिलनी चाहिए। दोषी ने साल 2021 में 26 जुलाई को लड़की को खाने का लालच देकर उसका अपहरण किया था। दोषी ने नाबालिग को ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.