गुमला, नवम्बर 17 -- गुमला, संवाददाता। नाबार्ड के वित्तीय सहयोग से संचालित विकास भारती की बाड़ी परियोजना के अंतर्गत सोमवार को किसानों के लिए अंतरफसली खेती पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह प्रशिक्षण विकास भारती के अम्बेडकर सभागार में हुआ। जिसमें विशुनपुर प्रखंड के 120 किसानों ने भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य था किसानों को बदलते पर्यावरणीय हालात के अनुरूप वैज्ञानिक और टिकाऊ कृषि पद्धतियों से अवगत कराना। प्रशिक्षण को संबोधित करते हुए कृषि वैज्ञानिक सुनील ने कहा कि सीमित कृषि भूमि पर दो या अधिक फसलें एक साथ उगाने से किसान अधिक उत्पादन और बेहतर आर्थिक लाभ प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने समझाया कि दलहनी फसलों को मुख्य फसलों जैसे अनाज या नकदी फसलों के साथ जोड़कर उगाने से न केवल उत्पादन बढ़ता है,बल्कि खेत की मिट्टी की उर्वरता भी स्व...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.