रांची, जनवरी 6 -- रांची, संवाददाता। राज्य में कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों के लिए ऋण प्रवाह को गति देने की आवश्यकता पर नाबार्ड ने बैंकों को केसीसी, मत्स्य पालन, पशुपालन सहित अन्य गतिविधियों में ऋण बढ़ाने का सुझाव दिया है। यह सुझाव उस पृष्ठभूमि में आया है, जब कृषि क्षेत्र में वार्षिक क्रेडिट प्लान (एसीपी) की उपलब्धि मात्र 22.73 प्रतिशत रही, जिस पर भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने गंभीर चिंता व्यक्त की थी। आरबीआई ने कम उपलब्धि को देखते हुए नाबार्ड को निर्देश दिया था कि राज्य में कृषि ऋण की धीमी प्रगति के कारणों की पहचान की जाए और क्षेत्र-विशेष के अनुसार एक प्रभावी व व्यावहारिक रणनीति तैयार की जाए। इसके बाद नाबार्ड ने बैंकों के साथ विचार-विमर्श करते हुए सुझाव दिया कि पारंपरिक फसल ऋण के साथ-साथ मत्स्य पालन, डेयरी, पशुपालन और अन्य आयवर्धक गतिविधिय...