बेगुसराय, नवम्बर 24 -- बेगूसराय, हमारे प्रतिनिधि। गणेश दत्त महाविद्यालय में भारतीय ज्ञान परंपरा और रंगमंच विषय पर एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन सोमवार को किया गया। आरके महाविद्यालय मधुबनी के हिंदी के प्रोफेसर डॉ.अवधेश झा ने कहा कि भारतीय संस्कृति अपने में लगभग पांच हजार वर्षों का स्वर्णिम इतिहास समेटे हुए है। संस्कृत नाटकों की वैभवशाली परंपरा से लेकर आधुनिक नाटकों की चर्चा करते हुए कहा कि नाटक चिंता से आनंद तक की यात्रा का माध्यम है। आज हिंदी रंगमंच की हालत चिंताजनक है। वहीं मराठी और बंगला नाटकों में रंगमंच को आज भी बहुत सम्मान प्राप्त है। अध्यक्षीय वक्तव्य में महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. भूपेंद्र नारायण ने कहा कि भारतीय रंगमंच का एक लंबा इतिहास रहा है। इसने न सिर्फ मनोरंजन बल्कि मनुष्य जाति के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है। हिंदी...
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