चतरा, जनवरी 10 -- टंडवा निज प्रतिनिधि पिछले सात साल तक लगभग 1500 लाख टन कोयला उत्पादन करने वाली अम्बे ज्वायंट वेंचर आम्रपाली में अंतिम सांसें बची है। बीजीआर कंपनी के बाद अब अंबे की विदाई तय है। इधर आम्रपाली में चौथे फेज की कोल उत्पादन का आगाज सीएमडी द्वारा करने के साथ नागार्जुन के आठ सालों की महासफर का विवेचना होना कोयलांचल में आरंभ हो गया । हर की जूबान पर एक ही सवाल है कि अम्बे ज्वायंट वेंचर की तुलना में नागार्जुन का कदम भविष्य में आठ सालों का कैसा रहेगा महासफर पांच गांवों के लिए? इसकी चर्चा कोयलाचल जोरों पर है।अम्बे कंपनी से बेहतर या खराब? जितनी मुंह उतनी जबाब गांवों में दौड़ रही है। हर आंगन अपने अपने तरीके से इस कंपनी के भविष्य को लेकर विवेचना कर रहा है। सीसीएल ने लगभग 250 एमटी कोयला,ओबी उत्पादन और कोल डिस्पैच पर 8200करोड खर्च करने की ठ...