मधुबनी, जनवरी 15 -- मधुबनी, निज संवाददाता। स्वच्छ सर्वेक्षण 2025 की जारी टूलकिट में शहरों की स्वच्छता को परखने के तरीके में कई अहम बदलाव किए गए हैं। इस बार सबसे बड़ा फोकस नागरिकों की राय यानी सिटीजन फीडबैक पर रखा गया है। लोगों की संतुष्टि और उनकी शिकायतों के समाधान को पहले से दोगुने अंक दिए जाएंगे। विभाग का साफ संदेश है कि अब सिर्फ कागजों पर सफाई दिखाने से काम नहीं चलेगा, बल्कि जमीन पर दिखाई देने वाला काम ही रैंकिंग तय करेगा। यदि किसी शहर ने बढ़ा-चढ़ाकर आंकड़े पेश किए या गलत जानकारी दी, तो उसे पेनाल्टी के रूप में अंक गंवाने पड़ सकते हैं। इस सर्वेक्षण की थीम रखी गई है "स्वच्छता की नई पहल बढ़ाएं हाथ करें सफाई साथ", जो सीधे तौर पर जनभागीदारी को महत्व देती है। अभी शहर की जो हालत है, उसमें नागरिकों के फीडबैक काफी खराब होने का अंदेशा है। कचरा के निस्...