नई दिल्ली, जनवरी 16 -- दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे परियोजना के एक हिस्से को समय पर पूरा न करने के कारण संबंधित ठेकेदार का कॉन्ट्रैक्ट खत्म करने के भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के फैसले पर लगी रोक हटा ली है। हाई कोर्ट ने कहा कि नागरिकों को सुचारु और निर्बाध आवागमन के लिए एक अच्छी तरह बनाई गए राजमार्ग से वंचित नहीं किया जा सकता। जस्टिस दिनेश मेहता और जस्टिस विनोद कुमार की पीठ ने साफ किया कि एनएचएआई अपने फैसले पर स्वतंत्र रूप से कार्रवाई कर सकता है। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के संबंधित हिस्से के निर्माण को पूरा करने के लिए किसी अन्य इकाई को नियुक्त करने के लिए नई निविदा जारी कर सकता है। पीठ ने कहा कि इस तरह की अंतरिम रोक नहीं दी जानी चाहिए थी, क्योंकि इससे परियोजना में देरी होती, जो एक राष्ट्रीय नुकसान है। यह...
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