मधुबनी, मार्च 8 -- मधुबनी । जिले में नाई समाज के लगभग 50 प्रतिशत सदस्य आज भी अपने पारंपरिक पेशा से जुड़े हुए हैं, लेकिन पेशेवर समस्याओं और समाज में घटते सम्मान के कारण वे लगातार निराशा का सामना कर रहे हैं। समय के साथ यह समुदाय अब अपने पारंपरिक कार्यों से दूर होता जा रहा है। अशिक्षा और उनके पारंपरिक पेशे में अन्य वर्गों के लोगों के आ जाने से उनके रोजगार पर गंभीर असर पड़ा है। नतीजतन, नाई समाज के सदस्य अब बेहतर रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों की ओर पलायन कर रहे हैं। शंभु ठाकुर ने कहा कि जिले में उनके समाज की कुल आबादी लगभग सवा लाख है, लेकिन फिर भी इस समाज का जनप्रतिनिधित्व हर स्तर पर पूरी तरह से नदारद है। उन्होंने कहा कि समाज के विकास के लिए यह जरूरी है कि विभिन्न स्तरों पर उचित भागीदारी सुनिश्चित की जाए। ब्यूटी पार्लर और आधुनिक सैलून में निव...
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