गिरडीह, दिसम्बर 10 -- धर्मेन्द्र पाठक बगोदर। नाइजर में अपह्वत 5 भारतीय प्रवासी मजदूरों का 8 महीने बाद भी कोई सुराग नहीं मिल पाया है। ऐसे में परिजनों की चिंता दिनों-दिन बढ़ती जा रही है। परिजनों के द्वारा मजदूरों की सकुशल वापसी के दिन का इंतजार किया जा रहा है। फिलहाल यह मामला ठंडे बस्ते में दिखाई दे रहा है। चूंकि अपहरण की घटना के बाद मंत्री से लेकर विधायक भी पीड़ित परिजनों के दरबार पहुंच रहे थे। परिजनों से मुलाकात कर हिम्मत बंधाते हुए सकुशल वापसी का भरोसा दे रहे थे, मगर जैसे - जैसे दिन और महीने बढ़ते जा रहे हैं जन प्रतिनिधियों की भी चुप्पी उसी तरह से बढ़ती जा रही है। अब सवाल यहां यह है कि आखिर अपह्वत मजदूरों का सुराग और रिहाई कब तक होगी। इधर, अपह्वत मजदूरों का सुराग नहीं मिलने से उनके परिजनों की चिंता दिनों - दिन बढ़ती जा रही है। यहां यह भी...