भागलपुर, जनवरी 15 -- भागलपुर, वरीय संवाददाता मायागंज अस्पताल के सर्जरी विभाग के दो पीजी डॉक्टरों की मनमानी पर जहां पर सूबे के स्वास्थ्य मंत्री आला अधिकारियों पर गरम हो गये थे तो वहीं विधायक के कोपभाजन का शिकार सर्जरी के डॉक्टर हुए। इसके बाद अस्पताल अधीक्षक ने मंगलवार को ही इमरजेंसी बैठक बुलाई और सभी विभागाध्यक्ष विशेषकर सर्जरी विभाग के अध्यक्ष को ताकीद करते हुए स्पष्ट चेतावनी दी कि विभाग में इलाज की व्यवस्था और डॉक्टरों द्वारा इलाज होना सुनिश्चित करें। लेकिन ये निर्देश 24 घंटे में ही बेअसर हो गया और सर्जरी विभाग में इलाज को आई महिला मरीज यहां के डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए खुद को रेफर करा ली और शहर के एक निजी अस्पताल में इलाज को चली गई। कटिहार जिले की 60 साल की शांति देवी को छत से गिरने के बाद गंभीरावस्था में उन्हें इल...