प्रयागराज, जून 24 -- प्रयागराज। चक्का प्रक्षेप में अपना ही राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ने वाले उज्ज्वल चौधरी की सफलता की कहानी भी बड़ी रोचक है। मदन मोहन मालवीय स्टेडियम में नया कीर्तिमान बनाने के बाद उज्जवल ने बताया कि बचपन से ही पढ़ाई में मन नहीं लगता था। बैग लेकर स्कूल के लिए घर से निकलते और ग्राउंड में पहुंच जाते। दिनभर खेलकूद कर घर लौटते। पुलिस विभाग में कार्यरत पापा को समझ में आ गया कि मैं पढ़ना नहीं चाहता। पढ़ाई छोड़ी तो मम्मी-पापा ने भी खेल में आगे बढ़ने में मदद की। छोटा भाई पढ़ता रहा और मैं डिस्कस थ्रो में आगे बढ़ने लगा। अच्छे प्रदर्शन के आधार पर जीएसडब्ल्यू हिसार में दाखिला मिल गया। भारतीय खेल प्राधिकरण में प्रशिक्षक अरविंद कुमार की देखरेख में लगातार सुधार होता रहा। इसी मार्च में मुंबई ओपन में रिकॉर्ड बनाया और प्रयागराज में वही रिकॉर्ड...
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