हल्द्वानी, फरवरी 14 -- हल्द्वानी, वरिष्ठ संवाददाता। राज्य में वनाग्नि की घटनाएं रोकने को सभी वन प्रभागों में तैयारियां चल रही हैं। इसके लिए कार्यशाला, मॉकड्रिल, जागरूकता कार्यक्रम भी किए जा रहे हैं, लेकिन वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से पेड़ों को हटाने की अनुमति नहीं मिलने से फायर लाइन को साफ करने का काम नहीं हो पाया है। यह काम फायर सीजन से पहले किया जाना था। वन विभाग 15 फरवरी से 15 जून तक फायर सीजन मानता है। इस दौरान जंगल में आग की काफी घटनाएं होती हैं। सीजन शुरू होने से पहले ही जंगल को आग से बचाने के लिए कई जरूरी कदम उठाने होते हैं। इसमें फायर लाइन की सफाई प्रमुख रूप से शामिल हैं। सुप्रीम कोर्ट गोधा वर्मन केस मामले में एक आदेश के बाद जंगल में 1 हजार मीटर से ऊंचाई के पेड़ काटने पर रोक लगाई गई थी। इस कारण 1996 से फायर लाइन के बीच में उगे पेड़...
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