नई दिल्ली, फरवरी 18 -- भारत में धोखाधड़ी और धनशोधन के कई मुकदमों का सामना कर रहा भगोड़ा कारोबारी विजय माल्या ने बुधवार को बंबई उच्च न्यायालय में दलील दी कि वह स्वदेश लौटने की समयसीमा नहीं बता सकता क्योंकि उसके ब्रिटेन छोड़ने पर वहां की अदालत ने कानूनी रोक लगाई है। माल्या ने अपने वकील अमित देसाई के माध्यम से उच्च न्यायालय को बताया कि उसका पासपोर्ट रद्द कर दिया गया है, इसलिए उसके पास यात्रा के लिए यह महत्वपूर्ण दस्तावेज नहीं है। उसने कहा कि वह इस कारण से भारत लौटने की निश्चित तारीख नहीं बता सकता। मुख्य न्यायाधीश श्री चंद्रशेखर और न्यायमूर्ति गौतम अंखड की पीठ ने पिछले सप्ताह कहा था कि जब तक माल्या भारत नहीं लौट आता, तब तक वह उसे भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित करने वाले आदेश के खिलाफ दाखिल उसकी याचिका पर सुनवाई नहीं करेगी। अदालत के इस रुख के बाद ...