लखनऊ, जनवरी 19 -- लखनऊ, कार्यालय संवाददाता इस्लामी माह शाबान का चांद सोमवार को नहीं नजर आया। इसलिए अब 21 जनवरी को माह-ए-शाबान की पहली तारीख है। शब-ए-बरात मंगलवार 3 फरवरी को अकीदत व एहतराम के साथ मनाई जाएगी। इस्लामी कैलेंडर के माह शाबान की 15वीं तारीख की रात को शब-ए-बरात के नाम से जाना जाता है। चांद नहीं दिखने की तस्दीक मरकजी चांद कमेटी अध्यक्ष मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली, मरकजी शिया चांद कमेटी के अध्यक्ष मौलाना सैफ अब्बास ने की। मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने बताया कि माह-ए-शाबान बहुत मुबारक महीना है। यह दीन-ए-इस्लाम का 8वां महीना है। इसके बाद माह-ए-रमजान आएगा। शब-ए-बरात के मौके पर महानगर की तमाम मस्जिदों, दरगाहों, कब्रिस्तानों की साफ-सफाई व सजावट होगी। मौलाना ने बताया कि शब-ए-बरात का अर्थ होता है छुटकारे की रात या निजात की रात। इस्लाम ...