रांची, अक्टूबर 11 -- झारखंड हाई कोर्ट ने पहली पत्नी के रहते दूसरी शादी करने वाले धनबाद के पौथॉलाजिस्ट मोहम्मद अकील आलम को बड़ा झटका दिया है। कोर्ट ने कहा कि जब कोई व्यक्ति स्पेशल मैरिज एक्ट, 1954 तक तहत शादी कर लिया है तो उसपर यही कानून लगेगा, ना कि उसका निजी या धार्मिक कानून। कोर्ट में आलम ने यह कहते हुए अपनी दूसरी शादी को वैध ठहराने की कोशिश की थी कि इस्लाम में चार शादियां वैध हैं, लेकिन हाई कोर्ट ने उनकी अपील को खारिज कर दिया।क्या है मामला मामला झारखंड के धनबाद का है। यहां एक एक पैथॉलॉजिस्ट अकील आलम ने 4 अगस्त, 2015 को स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत शादी की थी। शादी के कुछ महीने के बाद ही उनकी पत्नी 10 अक्टूबर, 2015 को घर छोड़कर अपने मायके देवघर चली गई। आलाम ने कोर्ट में पत्नी पर आरोप लगाया कि वो बिना कारण उन्हें छोड़कर चली गईं और बार-बार बु...
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