मधेपुरा, फरवरी 18 -- आलमनगर, एक संवाददाता। कुशहा त्रासदी के बाद आलमनगर और खुरहान वितरणी में पानी नहीं छोड़े जाने से सैकड़ों एकड़ खेतों में सिंचाई करने की समस्या गंभीर बनी है। यह बात अलग है कि खेतों में सुलभ सिंचाई के लिए कई महत्वाकांक्षी योजनाएं चलायी जा रही है। लेकिन इस इलाके की नहरों में वर्षों से पानी नहीं छोड़ा गया है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों की उदासीनता से 16 साल बाद भी क्षतिग्रस्त नहर के तटबंधों की न तो मरम्मत हो सकी है और न हीं नहर की समुचित साफ-सफाई हो पायी है। जलापूर्ति को लेकर सिंचाई विभाग के अधिकारी बेफिक्र हैं। विभाग की लचर व्यवस्था के कारण दोनों वितरणी के तटबंधों का दर्जनों जगहों पर अतिक्रमण कर लिया गया है। अतिक्रमणकारियों द्वारा वितरणी के तटबंध और बाहरी भूभाग के साथ-साथ वितरणी के अंदर के भाग पर भी कई जगहों पर अतिक्रमण कर लिया...
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