गुमला, फरवरी 6 -- भरनो प्रतिनिधि। पारस जलाशय से निकली नहर की मरम्मत कार्य में घटिया सामग्री उपयोग और मजदूरों को कम मजदूरी देने के आरोप को लेकर शुक्रवार को दर्जनों किसान गोलबंद होकर कार्य स्थल पर पहुंचे। पूर्व मुखिया मुकेश उरांव की अगुवाई में किसानों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच की। किसानों ने बताया कि कार्य में घटिया सीमेंट और बालू का उपयोग किया जा रहा है तथा काम करने की प्रक्रिया भी मानकों के अनुरूप नहीं है।किसानों का आरोप है कि सरकारी दर 442 रुपये प्रतिदिन निर्धारित है, लेकिन नहर में काम कर रहे मजदूरों को मात्र 300 रुपये मजदूरी दी जा रही है। इसको लेकर किसानों ने संवेदक से संपर्क किया तो मुंशी के माध्यम से बात हुई, जिसके बाद संवेदक ने एफआईआर कराने की बात कही। इससे किसान और भड़क गए।बाद में संवेदक पुलिस के साथ कार्य स्थल पर पहुंचा।...