मथुरा, नवम्बर 25 -- चौमुहां क्षेत्र में शेरगढ़ रजवाहा एवं उससे जुड़ी माइनरों में पानी न छोड़ने से क्षेत्र के किसान गंभीर परेशानी का सामना कर रहे हैं। उनका कहना है कि हाल ही में हुई बारिश ने कुछ राहत जरूर दी थी, लेकिन यदि यह बारिश न हुई होती तो गेहूं की बुवाई पूरी तरह प्रभावित हो जाती। शेरगढ़ रजवाहा एवं उसकी शाखा माइनरों से कई गांवों की सिंचाई होती है, लेकिन सिंचाई विभाग की उदासीनता के चलते अब तक पानी नहीं पहुंचा है। जबकि नहर, बंबा और माइनरों की साफ-सफाई का कार्य दो सप्ताह पूर्व ही पूरा कर लिया गया था। ऐसे में जिन किसानों के पास निजी सिंचाई साधन नहीं हैं, वे समय पर पलेवट न होने से चिंतित हैं। किसानों का कहना है कि बुवाई के लिए सबसे उपयुक्त नवंबर महीना समाप्ति की ओर है, लेकिन नहरों में पानी न आने से गेहूं की फसल का भविष्य खतरे में है। कुछ क...